
महाकुंभ में मोदी बोले – “अनेक अमृत निकले”, राहुल ने भगदड़ में मारे गए लोगों को दी श्रद्धांजलि,महाकुंभ बना राजनीति का अखाड़ा, प्रधानमंत्री और कांग्रेस नेता के बयानों से गरमाया माहौल
— तराई क्रांति समाचार ब्यूरो
महाकुंभ 2025, जो कि आध्यात्मिक और सांस्कृतिक महत्व के लिए जाना जाता है, अब राजनीतिक बहस का केंद्र बन गया है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने इस आयोजन को भारत की संस्कृति और आध्यात्मिक एकता का प्रतीक बताया, वहीं कांग्रेस नेता राहुल गांधी ने महाकुंभ में हुई भगदड़ में मारे गए लोगों को श्रद्धांजलि न देने पर सरकार पर सवाल उठाए।
महाकुंभ में निकला “अमृत”, मोदी बोले- एकता इसका पवित्र प्रसाद
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने महाकुंभ को “अनेक अमृतों का संगम” बताते हुए कहा कि “यह भारत की अध्यात्मिक और सांस्कृतिक विरासत का भव्य प्रदर्शन है।” उन्होंने अपने भाषण में कहा,
🗣️ “महाकुंभ सिर्फ एक धार्मिक आयोजन नहीं, बल्कि यह सामाजिक एकता और अध्यात्म का सबसे बड़ा संगम है। इससे अनेक अमृत निकले हैं और एकता का अमृत इसका पवित्र प्रसाद है।”
मोदी ने यह भी कहा कि इस आयोजन ने भारत की सनातन संस्कृति और सामाजिक समरसता को और मजबूत किया है।
महाकुंभ में भगदड़: प्रशासन की तैयारियों पर उठे सवाल
महाकुंभ में इस बार लाखों श्रद्धालु पहुंचे, लेकिन अचानक भगदड़ मचने से कई लोगों की मौत और घायल होने की खबरें आईं। इस घटना को लेकर सोशल मीडिया पर लोगों ने सरकारी प्रशासन पर अव्यवस्था का आरोप लगाया।
प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, भीड़ नियंत्रण के लिए जरूरी इंतजाम नहीं किए गए थे, जिससे कुछ स्थानों पर भगदड़ जैसी स्थिति बनी। प्रशासन ने हालांकि इसे एक अप्रत्याशित घटना बताया और जांच शुरू करने की बात कही।
राहुल गांधी का हमला: “भगदड़ में मारे गए लोगों को श्रद्धांजलि तक नहीं दी गई”
राहुल गांधी ने इस भगदड़ को लेकर मोदी सरकार पर सीधा हमला बोला और कहा,
🗣️ “भगदड़ में मारे गए लोगों को श्रद्धांजलि तक नहीं दी गई। यह सरकार की असंवेदनशीलता की पराकाष्ठा है। महाकुंभ में आस्था की जगह अव्यवस्था देखने को मिली, जिससे श्रद्धालुओं को परेशानी झेलनी पड़ी।”
उन्होंने सवाल किया कि “आखिरकार इतनी बड़ी भीड़ के प्रबंधन के लिए प्रशासन ने क्या कदम उठाए?” राहुल गांधी के बयान के बाद कांग्रेस के कई नेताओं ने भी केंद्र सरकार को घेरा।
सरकारी प्रशासन की सफाई
भगदड़ की घटना पर प्रयागराज प्रशासन ने सफाई देते हुए कहा कि,
📢 “हमारी टीम पूरी सतर्कता से काम कर रही है। भीड़ ज्यादा होने के कारण कुछ असुविधा जरूर हुई, लेकिन हमने तुरंत हालात को संभाल लिया। इस मामले की जांच की जा रही है और मृतकों के परिवारों को मुआवजा दिया जाएगा।”
सरकार ने महाकुंभ की व्यवस्थाओं को लेकर किसी भी लापरवाही से इनकार किया है और इसे “एक अप्रत्याशित दुर्घटना” बताया।
✔️ सरकार ने जांच के आदेश दिए और दोषियों पर कार्रवाई करने की बात कही।
✔️ कांग्रेस महाकुंभ में सुरक्षा व्यवस्थाओं को लेकर हमलावर बनी हुई है।
✔️ सोशल मीडिया पर बहस जारी है, जहां कुछ लोग सरकार का समर्थन कर रहे हैं तो कुछ प्रशासनिक लापरवाही को लेकर नाराज हैं।
महाकुंभ 2025 एक धार्मिक और सांस्कृतिक संगम के रूप में देखा जा रहा था, लेकिन भगदड़ और नेताओं के बयानों से यह एक राजनीतिक विवाद बन चुका है।
अब देखना होगा कि सरकार भगदड़ में मारे गए लोगों के परिवारों को न्याय दिलाने के लिए क्या कदम उठाती है, और क्या विपक्ष इसे लेकर कोई बड़ा आंदोलन करेगा।