
बीजेपी के राष्ट्रीय अध्यक्ष चुनने के विषय पर आज चर्चा तेज हो गई है। RSS और BJP के बीच मतभेद के चलते नए अध्यक्ष के नाम पर सहमति नहीं बन पा रही है। पार्टी के भीतर RSS की सलाह को लेकर गहरी खींचतान जारी है, जिसके परिणामस्वरूप मौजूदा अध्यक्ष जेपी नड्डा को 40 दिन का एक्सटेंशन दे दिया गया है। इससे नए राष्ट्रीय अध्यक्ष का ऐलान करने में और देरी हो सकती है।
- मुख्य मुद्दे:
- राज्य स्तर पर प्रदेश अध्यक्ष चुनाव की धीमी गति, जिनमें केवल 12 राज्यों में ही प्रक्रिया पूरी हो पाई है।
- बेंगलुरु में 21-23 मार्च तक चल रही RSS की अखिल भारतीय प्रतिनिधि सभा की बैठक, जिससे अंतिम निर्णय 24 मार्च तक टल सकता है।
- हिंदू नववर्ष के पहले महीने अप्रैल में अध्यक्ष पद की घोषणा की उम्मीद, क्योंकि पार्टी इस मुद्दे को हिंदू अस्मिता से जोड़ना चाहती है।
- पार्टी की स्थिति:
- RSS की सलाह के मुताबिक, नया अध्यक्ष वह होना चाहिए जो संगठन के भरोसेमंद हो और उसकी नीयत RSS की पद्धति के अनुरूप हो।
- मौजूदा अध्यक्ष जेपी नड्डा को उनकी असमर्थता के आरोपों के बावजूद, पार्टी ने उनके कार्यकाल में एक्सटेंशन देकर चुनाव प्रक्रिया में देरी की है।
RSS और BJP के बीच मतभेद पिछले कुछ समय से नए राष्ट्रीय अध्यक्ष के चुनाव को जटिल बना रहे हैं। पार्टी को नए अध्यक्ष के लिए ऐसे नेता की तलाश है जो मोदी-शाह की अपेक्षाओं पर खरा उतरे और साथ ही RSS की भी पसंद हो। लेकिन संगठन की सलाह को लेकर निरंतर खींचतान होने के कारण, जेपी नड्डा को 40 दिन का एक्सटेंशन देकर मौजूदा स्थिति को बनाए रखा गया है। इस फैसले से नए अध्यक्ष के ऐलान में और देरी होने की संभावना जताई जा रही है।
- चुनाव प्रक्रिया में देरी के तीन मुख्य कारण:
- राज्यों में प्रदेश अध्यक्ष चुनाव की धीमी प्रगति।
- बेंगलुरु में आरएसएस की बैठक के कारण अंतिम निर्णय में देरी।
- पार्टी अध्यक्ष पद को हिंदू नववर्ष के पहले महीने में घोषित करने की रणनीति।