डूम्सडे फिश: क्या सच में तबाही की भविष्यवाणी करती है या है कोई वैज्ञानिक कारण?
"डूम्सडे फिश: ओर्फिश और प्राकृतिक आपदाओं के बीच विज्ञान
“डूम्सडे फिश” एक सनसनीखेज नाम है, जो आमतौर पर ओर्फिश (Oarfish) को संदर्भित करता है। यह गहरी समुद्री मछली होती है, जिसे दुर्लभ रूप से सतह के पास देखा जाता है। कई देशों में, खासतौर पर जापान और फिलीपींस में, इसे प्राकृतिक आपदाओं, विशेष रूप से भूकंप और सुनामी की भविष्यवाणी से जोड़ा जाता है। लेकिन क्या इसका कोई वैज्ञानिक आधार है? आइए इसे समझते हैं।
मिथक और लोककथाएं
- जापान में, ओर्फिश को “Ryugu no tsukai” (समुद्री ड्रैगन का दूत) कहा जाता है। मान्यता है कि जब यह मछली समुद्र की सतह पर आती है या तट पर बहकर आ जाती है, तो यह किसी बड़े भूकंप या सुनामी का संकेत होती है।
- 2011 में जापान में आए विनाशकारी सेंदाई भूकंप (9.1 तीव्रता) और सुनामी से पहले कई ओर्फिश देखे गए थे, जिसने इस मान्यता को और मजबूत किया।
वैज्ञानिक दृष्टिकोण
वैज्ञानिक इस विश्वास को पूरी तरह से खारिज नहीं करते, लेकिन इसे साबित करने के लिए पर्याप्त प्रमाण भी नहीं हैं। कुछ संभावित वैज्ञानिक कारण यह हो सकते हैं:
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टेक्टोनिक प्लेट्स की हलचल और समुद्री जीवन पर प्रभाव
- समुद्र के नीचे भूकंपीय गतिविधियाँ गहरे समुद्र में रहने वाले जीवों को प्रभावित कर सकती हैं।
- कुछ वैज्ञानिक मानते हैं कि भूकंप से उत्पन्न छोटे-छोटे झटके (tremors) या गैस रिलीज से ओर्फिश जैसी मछलियाँ सतह की ओर आ सकती हैं।
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गहरे समुद्र में पर्यावरणीय बदलाव
- समुद्र में ऑक्सीजन स्तर में गिरावट, जलवायु परिवर्तन या समुद्री धाराओं में बदलाव के कारण भी ये मछलियाँ अपने प्राकृतिक आवास से ऊपर आ सकती हैं।
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संयोग और पूर्वाग्रह (Cognitive Bias)
- यह भी संभव है कि लोग ओर्फिश की उपस्थिति और आपदाओं को जोड़कर देख रहे हों, जबकि वास्तव में ऐसा कोई सीधा संबंध न हो।
- कई बार ओर्फिश तट पर आती हैं, लेकिन इसके बाद कोई बड़ी आपदा नहीं आती।
निष्कर्ष
अब तक ओर्फिश और भूकंप या सुनामी के बीच कोई प्रत्यक्ष वैज्ञानिक संबंध स्थापित नहीं हुआ है। हालांकि, समुद्र के गहरे क्षेत्रों में होने वाली गतिविधियाँ सतह पर रहने वाले जीवों को प्रभावित कर सकती हैं। यह मछली शायद जलवायु परिवर्तन या समुद्री धाराओं के कारण सतह पर आ रही हो, न कि किसी आपदा की पूर्व चेतावनी के रूप में।
तो, “डूम्सडे फिश” को पूरी तरह से भविष्यवाणी करने वाला जीव मानना अंधविश्वास हो सकता है, लेकिन यह गहरे समुद्री परिवर्तनों और पर्यावरणीय प्रभावों का संकेतक हो सकती है !