कांग्रेस सांसद शशि थरूर ने CEC ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे की दोहराई मांग

नई दिल्ली में चुनाव आयोग के अंदर उठे विवाद ने राजनीतिक माहौल को गरमा दिया है। हाल ही में मुख्य चुनाव आयुक्त (CEC) ज्ञानेश कुमार के कार्यशैली को लेकर विपक्ष ने कड़ी आपत्तियां जताई हैं। कांग्रेस सांसद शशि थरूर ने उनके तत्काल इस्तीफे की मांग करते हुए आरोप लगाया कि चुनाव प्रक्रिया में गंभीर गड़बड़ियां हुई हैं।
वोटिंग अधिकारों को लेकर सवाल
शशि थरूर ने बताया कि हालिया ‘स्पेशल इंटेंसिव रिविजन’ (SIR) प्रक्रिया के कारण देशभर के कई नागरिकों से उनका संवैधानिक मताधिकार छीन लिया गया है। उन्होंने कहा कि यह लोकतंत्र की मूल भावना के खिलाफ है और इस मुद्दे को गंभीरता से लेना चाहिए। उन्होंने प्रमुख न्यायाधीश का ध्यान इस ओर आकृष्ट कराने का भी प्रयास किया है।
थरूर ने यह भी इंगित किया कि चुनाव आयोग के इस क़दम से विपक्षी दलों में भारी असंतोष व्याप्त है और लोगों का विश्वास चुनाव आयोग की निष्पक्षता पर कम होता जा रहा है। उनका मानना है कि CEC के कार्य में पारदर्शिता और जवाबदेही होनी चाहिए।
राजनीतिक प्रतिक्रियाएं और मांगें
कांग्रेस सांसद ने कहा कि कांग्रेस को विरोध प्रदर्शन के दौरान जनता का अच्छा समर्थन मिला है, और इस मुद्दे पर अन्य राजनीतिक पार्टियां भी CEC के खिलाफ अदालत पहुंच रही हैं। उन्होंने बताया कि इस तरह की प्रक्रिया पहले चार बार की गई थी, लेकिन इस बार विवाद की स्थिति उत्पन्न हुई।
थरूर ने चुनाव प्रक्रिया में सुधार की भी मांग की और इसे लोकतांत्रिक प्रक्रिया के मजाक के रूप में उद्धृत किया। उन्होंने कहा, “ध्यान लोकतांत्रिक और संवैधानिक वोटिंग अधिकारों की सुरक्षा पर होना चाहिए।”
उन्होंने कहा कि चुनाव आयोग की समय पर और न्यायसंगत कार्रवाई जरूरी है ताकि जनता का भरोसा कायम रहे। इस पूरे मामले से चुनावी लोकतंत्र पर प्रश्न चिन्ह लग गया है, जिसके समाधान की तत्काल आवश्यकता है।
विपक्षी दल इस विवाद को चुनाव आयोग की निष्पक्षता पर सीधा प्रहार मान रहे हैं। शशि थरूर के मुताबिक, इस मामले को लेकर जल्द कार्रवाई न हुई तो देश में राजनीतिक अस्थिरता और बढ़ सकती है।
अंत में थरूर ने कहा कि चुनाव आयोग के कार्यों का पुनर्मूल्यांकन आवश्यक है ताकि भविष्य में इस तरह की विवादास्पद स्थितियां उत्पन्न न हों। उनका कहना है कि निष्पक्ष चुनाव के लिए चुनाव आयोग का भरोसेमंद होना अनिवार्य है।



