तमन्ना भाटिया: छठ महापर्व पर बिहार का अनोखा ठेकुआ बांटने का नजारा

तमन्ना भाटिया बॉलीवुड की उन अभिनेत्राओं में से हैं जिन्हें लकी माना जाता है। साउथ इंडस्ट्री में दो दशक बिताने के बाद उन्होंने बॉलीवुड में भी अपनी पहचान बनाई है। हाल ही में उनकी फिल्म ‘द वन फोर्स ऑफ द फारेस्ट’ रिलीज हुई है, जो बॉक्स ऑफिस पर सफल रही है। तमन्ना की भूमिका को दर्शकों और समीक्षकों ने सराहा है।
ठेकुआ के साथ छठ महापर्व की झलक
तमन्ना ने बताया कि फिल्म की सफलता पर वे बहुत खुश हैं। उन्होंने कहा कि इंटरनेट पर देखा कि लोग थिएटरों में पॉपकॉर्न के बजाय ठेकुआ बांट रहे हैं। बिहार की यह सांस्कृतिक परंपरा पहली बार इतने बड़े पर्दे पर दिखाई गई है। जहां आमतौर पर दिवाली और अन्य त्योहार फिल्मी दुनिया में आते हैं, वहीं छठ महापर्व को इस तरह पर्दे पर देखना नया अनुभव है। यह संस्कृति दर्शकों को जोड़ती है और फिल्म के जरिए इसे बड़े पैमाने पर पेश किया गया है।
उन्होंने कहा कि इस फिल्म में छठी मैया के गीत और त्योहार की कहानी को कहानी का अभिन्न हिस्सा बनाया गया है, जिसने दर्शकों का ध्यान खींचा है। फैमिली ऑडियंस को ध्यान में रखकर विभिन्न जॉनर्स सम्मिलित करके मल्टी-जॉनर फिल्म बनाई गई है, जो संस्कृति से जुड़ी है।
सामाजिक मुद्दों पर तमन्ना की राय
तमन्ना ने हालिया घटनाओं जैसे जमुई कांड और आस्था कुंज गैंगरेप जैसी घटनाओं पर कहा कि समाज में अच्छाई और बुराई दोनों हैं। उनका मानना है कि लगातार अच्छाई को जागरूक करके ही बुराई से लड़ना संभव है। ये घटनाएं दुखद हैं, लेकिन कलाकारों का दायित्व है कि वे अपनी कला के माध्यम से सकारात्मकता फैलाएं।
उन्होंने बताया कि अपने माता-पिता के समर्थन से वे बचाई गईं और उन्हें कभी किसी छेड़छाड़ का सामना नहीं करना पड़ा। वे खुद को खुशकिस्मत मानती हैं और उन लोगों के प्रति संवेदना रखती हैं जिन्होंने ऐसी पीड़ा झेली है।
तमन्ना ने अपने व्यक्तिगत अनुभवों के बारे में कहा कि उन्होंने अपने घर में सच्चे और पवित्र प्यार को देखा है, जो उन्हें असली प्रेम को समझने में मदद करता है। उन्होंने कहा कि आज कल इंसानियत और सम्मान जरूरी है ताकि रिश्ते मजबूत बने रहें।
उन्होंने पैपाराजी के काम को भी सराहा, बताया कि वे भी इंसान हैं जो अपने काम में मेहनत करते हैं और मानवता के सम्मान के हकदार हैं। यदि हम उन्हें प्यार और सम्मान देंगे, तो सभी अधिक खुश रहेंगे।
तमन्ना का कहना है कि अच्छे साथी का होना जरूरी है, जो व्यक्ति को मजबूत और खुश रखता है। वे जीवन में इस साथी की भूमिका को बहुत महत्व देती हैं।
इस तरह तमन्ना भाटिया अपनी नई फिल्म और समाज के प्रति संवेदनशील सोच के साथ सामने आई हैं। उन्होंने न केवल अपनी कला और संस्कृति को बढ़ावा दिया बल्कि सामाजिक मुद्दों पर भी अपनी सोच को स्पष्ट किया है।



