गौतम गंभीर की तानाशाही पर भड़के मनीष ओझा, वैभव सूर्यवंशी को मौका न मिलने पर सवाल

नई दिल्ली: आईपीएल 2026 में राजस्थान रॉयल्स के लिए जबरदस्त प्रदर्शन करने वाले 15 वर्षीय बल्लेबाज वैभव सूर्यवंशी को भारतीय टी20 टीम में लगातार मौका न मिलने पर उनके बचपन के कोच मनीष ओझा ने कड़ी आलोचना की है। बिहार व झारखंड के पूर्व घरेलू क्रिकेटर मनीष ओझा ने टीम मैनेजमेंट और मुख्य कोच गौतम गंभीर की पद्धति पर सवाल उठाए हैं। वैभव को 19 में से 11 मैचों में बाहर बिठाए जाने पर ओझा ने अपनी नाराजगी जाहिर की।
मनीष ओझा की प्रतिक्रिया
मनीष ने टीम मैनेजमेंट के रवैये पर कड़ी आपत्ति जताते हुए कहा कि वैभव एक ऐसी युवा प्रतिभा हैं, जो बहुत बड़ी ताबड़तोड़ क्रिकेटर बनेंगे। उन्होंने कहा कि वैभव कोई मामूली खिलाड़ी नहीं हैं, बल्कि आने वाले दशकों तक क्रिकेट में अपनी छाप छोड़ेंगे। ओझा ने यह भी कहा कि खिलाड़ियों को बेंच पर रखकर विकसित नहीं किया जा सकता। उन्होंने इसे एक तरह की तानाशाही करार दिया कि एक प्रतिभाशाली खिलाड़ी मैच खेलने के बजाय बाहर बैठा रहता है।
गौतम गंभीर के फैसले पर सवाल
कोच गंभीर की कार्यशैली पर निशाना साधते हुए मनीष ने कहा कि वैभव एक विशेषज्ञ बल्लेबाज हैं और उन्हें गेंदबाजी की सलाह देना गलत है। उनका मानना है कि वैभव देश की बड़ी संपत्ति हैं, जो अगले 20 से 25 साल टीम के लिए खेलेंगे, जबकि गंभीर सिर्फ कुछ सालों के लिए टीम से जुड़े हैं। उन्होंने कहा कि वैभव में सचिन तेंदुलकर और एमएस धोनी जैसी क्षमताएं मौजूद हैं, जिन्हें सही मौका मिलना चाहिए।
वैभव सूर्यवंशी का अंतरराष्ट्रीय सफर
वैभव ने इंग्लैंड के खिलाफ मैनचेस्टर में दूसरे टी20 में डेब्यू किया था, लेकिन उन्हें अब तक सिर्फ तीन मैच खेलने का मौका मिला है। बाद में उन्होंने ज़िम्बाब्वे दौरे पर 151 रन बनाए और प्लेयर ऑफ द सीरीज चुने गए। इसके अलावा एशियाई खेलों में भी उन्होंने श्रीलंका और पाकिस्तान के खिलाफ अहम पारियां खेली। बावजूद इसके, वैभव ज्यादातर मैचों में बेंच पर बैठे रहे।
मनीष ओझा चाहते हैं कि वैभव टी20 प्रतिबद्धताओं और न्यूजीलैंड के खिलाफ सीरीज के बाद बिहार के लिए रणजी ट्रॉफी खेलें। इससे वे लाल गेंद क्रिकेट में और अनुभव हासिल करेंगे और अपनी प्रतिभा को और निखार सकेंगे।
टीम मैनेजमेंट को चाहिए कि वे वैभव की प्रतिभा को पहचाने और उन्हें अधिक मौके दें ताकि वह देश के लिए बड़े क्रिकेटर साबित हों। यह खेल प्रेमियों को भी उम्मीद है कि भारतीय टीम में युवा खिलाड़ियों को नियमित मौका मिलेगा।
भारतीय क्रिकेट के लिए वैभव सूर्यवंशी की प्रतिभा निखर रही है, लेकिन टीम के अवसर देने के फैसले पर जल्द विचार करना जरूरी है। मनीष ओझा की नाराजगी इस बात को और उजागर करती है कि युवा खिलाड़ियों के भविष्य पर ज़मीनी तौर पर विचार होना चाहिए।



